Posts

Showing posts from September, 2017
'Respect begets respect’ and ‘love begets love' यानि ‘ respect के बदले में respect और love के बदले में love ‘ क्या हमेशा ऐसा ही हो ये ज़रूरी है ? हम अपने जीवन में दुसरो की मदद कई बार करते हे पर हम कभी भी ये सोच के मदद नहीं करते की वो भी हमारी मदद करे या हमारे कहने पर हमारा सब काम करेगा , पर हमारे न चाहते हुए भी हमारे मन में एक उम्मीद पैदा होने लगती हे की वो हमारी मदद के बदलें में कुछ न कुछ हमको दे चाइये #Thank_you ही क्यों न बोले। जरुरी नहीं की आप जिस की मदद कर रहिये हे वो आपको प्यार ही दे वो आपको गालिया भी देसकता हे। जो लोग हमें दुख पहुंचाते हैं , कई बार उस वक्त वह खुद भी दर्द में होते हैं और वह स्वयं के जख्मो पर आधारित विकल्प और निर्णय करते हैं जिससे हमें चोट पहुँचती है। जब भी हम किसी अपनों से या अपने चाहने वालों से धोखा या चोट खाते है तो उसे भूलना या माफ करना अत्यंत मुश्किल होता है।जीवन है तो गलतियाँ होना भी स्वभाविक है। जिंदगी में लोग जाने-अंजाने कई गलतियाँ करते रहते है। भूल होना कोई गलत बात नही है लेकिन भूल को स्वीकार ना करना या क्षमा ना माँगना यह गलत है। जब ...